मोदी युग के 12 वर्ष राष्ट्र गौरव, आर्थिक प्रगति और विकसित भारत की स्वर्णिम युग: मंत्री रामविचार नेताम…..

रायपुर: आदिम जाति विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा है कि भारतीय लोकतंत्र के लिए 10 जून 2026 एक ऐतिहासिक अवसर है। इस दिन यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। यह केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के अटूट विश्वास, जनसमर्थन और राष्ट्रहित में समर्पित नेतृत्व की गौरवगाथा है।

एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वाेच्च लोकतांत्रिक पद तक पहुंचने की प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा करोड़ों भारतीयों के सपनों और संघर्षों का प्रतिनिधित्व करती है। बीते 12 वर्षों में उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। गरीब कल्याण, किसान सशक्तिकरण, महिला सम्मान, जनजातीय उत्थान, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और जनधन योजना जैसी पहलों ने करोड़ों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। वहीं जनजातीय समाज को सम्मान दिलाने, भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को राष्ट्रीय पहचान देने तथा वनांचल क्षेत्रों के विकास के लिए किए गए कार्य उनकी संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं।

मैंने स्वयं विभिन्न अवसरों पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, अनुशासन, कार्य के प्रति समर्पण और सामान्य कार्यकर्ताओं तथा सुरक्षा बलों के प्रति उनके आत्मीय व्यवहार को निकट से देखा है। यही गुण उन्हें जननायक बनाते हैं।

आज विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ देश नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन, सुरक्षा और जनभागीदारी का यह स्वर्णिम युग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह 12 वर्षों की उपलब्धियों का नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और जनविश्वास का उत्सव है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से उभर रहा है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और कौशल विकास जैसी पहलों ने युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। वहीं ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, मातृत्व वंदना योजना, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे ऐतिहासिक निर्णयों ने महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में मजबूत स्थान दिलाया है। आज भारत की युवा शक्ति नवाचार और उद्यमिता का प्रतीक बनकर उभर रही है, जबकि महिलाएं राष्ट्र निर्माण के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।

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