टोक्यो । भारत ने टोक्यो ओलंपिक की तीरंदाजी टीम स्पर्धा में शनिवार को शानदार शुरूआत की जब दीपिका कुमारी और प्रवीण जाधव की जोड़ी ने पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए चीनी ताइपै को हराकर मिश्रित युगल वर्ग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। 
पहला सेट एक अंक से गंवाने के बाद भारतीय टीम 1.3 से पिछड़ रही थी और उसे हर हालत में तीसरा सेट जीतना था। पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साथ खेल रहे जाधव और दीपिका ने कोई गलती नहीं की। उन्होंने दो बार परफेक्ट 10 स्कोर करके लिन चिया एन और तांग चिन चुन के खिलाफ यह मुकाबला 5.3 से जीता। अब उनका सामना दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा।
मिश्रित युगल तीरंदाजी स्पर्धा पहली बार ओलंपिक में खेली जा रही है। जीत के बाद दीपिका ने कहा हमें हर हालत में तीरंदाजी में ओलंपिक पदक जीतना है और हम उसी के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा हमें आत्मविश्वास की जरूरत है। अनुभव और मेहनत का तालमेल जरूरी है। यह सोचकर खेल रहे हैं कि यह हमारा आखिरी ओलंपिक है, यह आखिरी मौका है।
उन्होंने कहा हमने अपनी ओर से पूरी कोशिश की। अगले मुकाबले में और मेहनत करेंगे। हम पदक जीतने ही आये हैं। पुरूषों के रैंकिंग दौर में शुक्रवार को खराब स्कोर के बाद भारत ने दीपिका के साथ उनके पति अतनु दास की बजाय जाधव को मिश्रित युगल में उतारने का फैसला किया। एक महीना पहले ही दास और दीपिका ने पेरिस विश्व कप में मिश्रित युगल में स्वर्ण जीता था। दीपिका ने कहा मैं अतनु के साथ खेलना चाहती थी लेकिन ऐसा नहीं हूं। 
हालात चाहे जो भी हो, मुझे अच्छा प्रदर्शन करना है। मैं दुखी हूं कि मिश्रित युगल में वह मेरे साथ नहीं है, लेकिन हमें अच्छा प्रदर्शन करना है। पहले सेट में भारतीय जोड़ी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और दो बार 8 के स्कोर से उन्होंने पहला सेट 35.36 से गंवा दिया। दूसरे सेट में वापसी करते हुए उन्होंने स्कोर 38.38 किया। तीसरे सेट में जाधव फॉर्म में लौटे और 40 में से 40 स्कोर करके भारत ने बराबरी की। निर्णायक सेट में दो-दो निशानों के बाद स्कोर 17.19 था। आखिरी दो निशानों पर चीनी ताइपै की जोड़ी ने 8 और 9 स्कोर किया जबकि दीपिका और जाधव दोनों ने परफेक्ट 10 स्कोर किया।